सेतु आयोग राज्य सरकार का थिंक टैंक बनेगा, उत्तराखंड के विकास पर होगा केंद्रित शोध
देहरादून 20 दिसम्बर । मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने गुरुवार देर सायं सेतु आयोग के कार्यों की समीक्षा की। इस अवसर पर उन्होंने सेतु आयोग में कार्यरत विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों के साथ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की। मुख्य सचिव ने कहा कि सेतु आयोग उत्तराखंड के विकास में राज्य सरकार के थिंक टैंक के रूप में कार्य करेगा।
मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य के सभी विभागों को सेतु आयोग के साथ अपनी नीतियों और कार्यक्रमों पर मंथन करने की आवश्यकता है। उन्होंने आयोग से अपेक्षा की कि वह अध्ययन कर यह सुझाव दे कि किस विभाग की किस नीति में क्या परिवर्तन आवश्यक हैं, ताकि नीतियों का अधिकतम लाभ आम जनता तक पहुंच सके।
उन्होंने कहा कि कोल्ड वाटर फिशरीज उत्तराखंड की एक विशिष्ट पहचान (यूएसपी) है और इस क्षेत्र को पर्वतीय क्षेत्रों की आर्थिकी से जोड़ने की संभावनाओं पर गहन अध्ययन किया जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने वन आधारित आर्थिकी को मजबूत करने की दिशा में कार्य करने तथा पर्वतीय क्षेत्रों में वर्षा आधारित कृषि को सुनिश्चित कृषि में परिवर्तित करने के लिए शोध एवं सुधारात्मक प्रयासों पर भी जोर दिया।
मुख्य सचिव ने कहा कि सेतु आयोग के अंतर्गत एक सशक्त और सक्षम विशेषज्ञ टीम उपलब्ध है, जिससे राज्य की बेहतरी के लिए शोध क्षमता को और अधिक सुदृढ़ किए जाने की आवश्यकता है।
बैठक में प्रमुख सचिव श्री आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव श्री श्रीधर बाबू अद्दांकी, उपाध्यक्ष सेतु आयोग श्री राजशेखर जोशी सहित सेतु आयोग से जुड़े विभिन्न विषयों के विशेषज्ञ उपस्थित

