नई योजना से ग्रामीण विकास में वृद्धि तो गारंटेड, लेकिन कांग्रेसी समझ में नहीं : भट्ट
कांग्रेस को दिक्कत राम नाम से है, पहले भी उसने दर्जनों बार योजना का नाम बदला

नई योजना से ग्रामीण विकास में वृद्धि तो गारंटेड, लेकिन कांग्रेसी समझ में नहीं : भट्ट
*विपक्ष को नई योजना से होने वाले विकास और राम नाम से दिक्कत है : भट्ट*
*ग्रामीण विकास को विकसित भारत निर्माण से जोड़ने हेतु आवश्यक थी नई योजना !*
देहरादून 19 दिसंबर। भाजपा ने विकसित भारत- जी राम जी योजना को लेकर कहा, इससे रोजगार गारंटी की कार्यांविधि, बजट राशि, डिजिटलीकरण, भ्रष्टाचार से सुरक्षा में वृद्धि हुई है, लेकिन लगता है, कांग्रेस की समझ में कमी आई है। प्रदेशाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद श्री महेंद्र भट्ट ने कहा, अब तक एक दर्जन से अधिक मर्तबा ग्रामीण रोजगार की योजनाएं आई, नाम नेहरू से लेकर गांधी हुआ, कभी दिक्कत नहीं हुई। दरअसल कांग्रेस को गांधी जी की चिंता नहीं, योजना के नाम में प्रभु राम का नाम आने की है।
उन्होंने कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे बेबुनियादी आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, विकसित भारत की मजबूत नींव इन 10 वर्षों में पीएम मोदी ने रख दी है, अब नई योजनाओं से देश की शानदार ईमारत खड़ी की जा रही है, लेकिन विपक्ष को ये सब हजम नहीं हो रहा। उन्होंने सिलसिलेवार ढंग से नई ग्रामीण रोजगार योजना की खासियत का जिक्र करते हुए कहा, प्रत्येक क्षेत्र में इसके आने से वृद्धि होना तय है। जैसे रोजगार कार्यांविधि की गारंटी अब 125 दिन होगी को पूर्व से 25 दिन अधिक है। वर्षवार इसके तहत केंद्र से प्राप्त धनराशि में भी लगभग 30 फीसदी वृद्धि होकर 1 लाख करोड़ होने वाली है, जो केंद्रीय 60 फीसदी हिस्सा होगा। उसके ऊपर राज्य से मिलना वाला 40 फीसदी हिस्सा अलग से लोगों को मिलने वाला है। इसी तरह पीएम गति शक्ति से जोड़ने, पूर्णतया डिजिटलीकरण, बायोमेट्रिक सत्यापन, साप्ताहिक मूल्यांकन और नवीन तकनीकों के प्रयोग से योजना की शेष सभी कमियां दूर होंगी और भ्रष्टाचार मुक्त होगी।
उन्होंने योजना के लाभों का जिक्र करते हुए कहा, नई योजना से ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार के सभी पहलू में वृद्धि हुई है। वहीं कटाक्ष किया कि कांग्रेस की अनर्गल आपत्तियों से लगता है उनकी सोच और समझ में कमी आई है। या फिर विपक्ष जनता है कि उनकी जहां जहां सरकारें है वो भ्रष्टाचार मुक्त और तकनीक युक्त शासन नहीं चाहता है। लिहाजा कांग्रेस और विपक्ष बार बार बाधाएं खड़े और भ्रम फैला कर, देश में विकास की गति और देशवासियों के सपनों को तोड़ना चाहता है।
उन्होंने योजना के नाम को लेकर आपत्ति पर सहानुभूति जताते हुए कहा हम समझ सकते हैं कि कांग्रेस नेताओं के लिए विकास कार्यों में राम का नाम लेने में दिक्कत होगी। तभी वे योजना के कार्यक्षेत्र को समेटते नाम की तारीफ करने के बजाय उसमें राम नाम आने पर पीड़ा व्यक्त करते हैं। उन्होंने आईना दिखाते हुए कहा, कांग्रेस सरकारों में एक दर्जन बार ग्रामीण रोजगार की योजनाएं अलग अलग नाम से आई हैं जिसमें आजादी के बाद से प्रमुख नाम हैं, ग्रामीण जनशक्ति कार्यक्रम, ग्रामीण रोजगार योजना, काम के बदले अनाज योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना, ग्रामीण भूमिहीन रोजगार योजना, जवाहर रोजगार योजना, संपूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना, नरेगा योजना और अंत में मनरेगा योजना। उसमें भी खास बात है कि किसी को कभी नाम परिवर्तन को लेकर कोई आपत्ति नहीं रही। तब भी नहीं जब योजना से जवाहर नाम हटाया गया। वहीं गांधी के नाम को लेकर जो कांग्रेस हल्ला मचा रही है, पहले की नरेगा योजना में महात्मा गांधी का नाम तो 2009 में जोड़ा गया वो भी लोकसभा चुनावों में फायदे के लिए। जबकि किसी भी प्रधानमंत्री ने यदि सबसे अधिक गांधी जी के विचारों, सिद्धांतों और कार्यशैली को जमीन पर उतारने का काम किया है तो वह पीएम श्री नरेंद्र मोदी हैं।
वहीं उन्होंने योजना की जरूरत पर बल देते हुए कहा कि चूंकि आज देश अवस्थापना, कनेक्टिविटी, आधुनिक संरचनात्मक व्यवस्था, डिजिटल प्रक्रिया से पूर्णतया आच्छादित है, लिहाजा विकास की अंगड़ाई लेकर खड़ा भारतीय समाज अब दौड़ने को तैयार है। हमे अगले दो वर्षों में विश्व की तीसरे नंबर की अर्थव्यवस्था और 2047 में विकसित भारत बनना है। जिसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार योजना को राष्ट्र निर्माण से जोड़ना आवश्यक था।
