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देहरादून में सज उठा विविधता का अद्भुत संगम, ध्वजारोहण और वंदे मातरम् के सामूहिक गान के साथ एबीवीपी राष्ट्रीय अधिवेशन का भव्य आगाज़

देहरादून 28 नवंबर ।

देवभूमि उत्तराखण्ड की पावन धरती आज राष्ट्रीय रंगों से सराबोर हो उठी, जब अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के 71वें राष्ट्रीय अधिवेशन का पहला दिन परेड ग्राउंड में धूमधाम के साथ प्रारम्भ हुआ। देशभर के विभिन्न राज्यों से आए हजारों प्रतिनिधियों की उपस्थिति ने राजधानी के माहौल को एकता की विविधता का अनोखा आयाम प्रदान किया।

सुबह ध्वजारोहण के साथ अधिवेशन की औपचारिक शुरुआत हुई। ध्वज फहरते ही पूरा परेड ग्राउंड “वंदे मातरम्” के सामूहिक गान से गूंज उठा। सभी प्रदेशों से आए प्रतिनिधियों ने अपने-अपने पारंपरिक परिधानों में सहभागिता की, जिससे पूरा परिसर भारत की संस्कृति, रंगों और परंपराओं की जीवंत झांकी में बदल गया।

अधिवेशन स्थल पर प्रवेश करते समय उत्तराखण्ड की समृद्ध लोकसंस्कृति की झलक भी देखने को मिली। नगाड़े, ढोल, रणसिंघा, मंजीरे और पारंपरिक लोकनृत्यों से विद्यार्थी प्रतिनिधियों का ढोल-नगाड़ों की गूंज के साथ भव्य स्वागत किया गया। स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुति और पहाड़ी वाद्ययंत्रों की ध्वनियाँ वातावरण में उत्साह और ऊर्जा का संचार करती रहीं।

देशभर से आए विद्यार्थियों की ऊर्जा, स्थानीय संस्कृति की छटा और राष्ट्रीय एकता का यह अद्भुत मेल अधिवेशन के पहले दिन को ऐतिहासिक बना गया। एबीवीपी का यह राष्ट्रीय अधिवेशन आने वाले दिनों में विभिन्न सत्रों, चिंतन-विमर्श तथा राष्ट्रहित के मुद्दों पर व्यापक संवाद का मंच बनेगा।

देहरादून में आज जो दृश्य उभरकर सामने आया, उसने एक बार फिर सिद्ध किया कि भारत की असली पहचान उसकी विविधता में ही निहित है—और जब युवा शक्ति एक मंच पर एकत्र होती है, तो यह विविधता और भी अधिक सुंदर और प्रेरणादायी बन जाती है।

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