बेंसहारा गोवंश को लेकर प्रदर्शन की चेतावनी के बाद हरकत में आया प्रशासन

अल्मोड़ा 27 नवंबर । शिक्षा, स्वास्थ्य व गोसंरक्षण आदि ज्वलंत मुद्दों पर चैकोट संघर्ष समिति का जनांदोलन असर करने लगा है। 300 गोवंशी लेकर तहसील मुख्यालय के घेराव की चेतावनी से हलकान प्रशासन हरकत में आ गया है। बेसहारा छोडे़ गए गाय, बैल व बछड़ों को गोशाला भेजना शुरू कर दिया। पहले दिन 20 गोवंशी मछोड़ स्थित गोसदन पहुंचाए गए। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार विकासखंड के जैखाल व भैस्वाड़ा फार्म (अल्मोडा) में भी निरीह मवेशियों को शरण दी जाएगी।
इधर आंदोलनकारियों ने फिर चेताया है कि सभी निराश्रित गोवंश को गोसदन भेजने के बाद अन्य ज्वलंत मुद्दों के समाधान तक अनशन चलता रहेगा।
चैकोट संघर्ष समिति के बैनर तले बीते 27 अक्टूबर से विभिन्न गांवों के बाशिंदे क्षेत्र की ज्वलंत समस्याओं का समाधान न होने से ब्लाक मुख्यालय पर आमरण व क्रमिक अनशन पर डटे हैं। बीते शनिवार को मातृशक्ति बाजार व ग्रामीण क्षेत्रों में बेसहारा घूम रहे गाय बैलों को हांकती हुई जुलूस लेकर तहसील जा धमकी थीं।
साथ ही 26 नवंबर तक निराश्रित मवेशियों को गोसदन में पहुंचाने की व्यवस्था न किए जाने पर 27 नवंबर को ब्लाकभर में बेसहारा घूम रहे गोवंश को तहसील परिसर में पहुंचाने व मुख्यालय में प्रदर्शन का भी ऐलान किया था। इधर बुधवार को ही प्रशासन तहसील घेराव की आशंका में अलर्ट मोड पर आ गया। पहली खेप मछोड के गुरुकृपा गोसदन भेज आंदोलनकारियों का गुस्सा शांत करने का प्रयास किया। वहीं तंत्र के विरुद्ध नारेबाजी के बीच नरेंद्र सिंह व राजेंद्र सिंह आमरण तो लीला देवी, दीपा देवी, प्रमोद कुमार, हितेश बिष्ट आदि क्रमिक अनशन पर बैठे।

