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अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद राष्ट्रीय अधिवेशन : रानी अब्बक्का प्रदर्शनी में उत्तराखंड की गौरवशाली संस्कृति का भव्य प्रदर्शन

देहरादून, 27 नवंबर ।देहरादून के परेडग्राउंड में बनाए गए

‘भगवान बिरसा मुंडा नगर’ में आयोजित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के राष्ट्रीय अधिवेशन के तहत लगी भव्य “रानी अब्बक्का प्रदर्शनी” का आज पटंजलि योगपीठ के महासचिव आचार्य बालकृष्ण ने मुख्य अतिथि के रूप में उद्घाटन किया। प्रदर्शनी का औपचारिक लोकार्पण उत्तराखंड के शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत द्वारा किया गया। प्रदर्शनी की थीम है—
“देवभूमि से राष्ट्रभूमि तक : उत्तराखंड की 25 वर्षीय यात्रा एवं विज़न 2047 के परिप्रेक्ष्य में राष्ट्रीय पुनर्जागरण”।

प्रदर्शनी में ABVP की वैचारिक यात्रा, संगठन के राष्ट्रीय एवं राज्यव्यापी अभियान, छात्र संघ चुनावों में भूमिका, स्वतंत्रता आंदोलन के नायकों और सांस्कृतिक पुनर्जागरण के प्रतीकों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है। देशभर से आए ABVP कार्यकर्ता, विद्यालयों के छात्र, विशिष्ट अतिथि और बड़ी संख्या में उत्तराखंडवासी प्रदर्शनी में उपस्थित रहे।

रानी अब्बक्का की वीरता और उत्तराखंड की लोक-गौरव गाथाएँ प्रमुख आकर्षण

प्रदर्शनी में रानी अब्बक्का को भारतीय अस्मिता, नारी शक्ति और राष्ट्रभक्ति के सर्वोच्च प्रतीकों में से एक के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जिसका उद्देश्य युवाओं को प्रेरित करना है। साथ ही, उत्तराखंड की वीरांगना तीलू रौतेली, योद्धा माधव सिंह भंडारी और अन्य स्थानीय नायकों की साहसगाथाएँ भी आकर्षक रूप से प्रदर्शित की गई हैं।

उत्तराखंड की आध्यात्मिक परंपरा, पर्वतीय जीवनशैली, पारंपरिक आभूषण, कृषि उपकरण, लोक-वास्तुकला जैसे विविध आयामों को मनोहारी रूप में प्रदर्शित किया गया है। नंदा राजजात यात्रा, जागर परंपरा, स्थानीय देव-देवियां, मंदिर, तीर्थस्थल और लोकनृत्यों को भी भव्य रूप से सजाया गया है।

विशेष पवेलियन बने आकर्षण का केंद्र

आदि गुरु शंकराचार्य, गौरा देवी, स्वामी रामतीर्थ, वीर चंद्र सिंह गढ़वाली, माधव सिंह भंडारी, गोविंद बल्लभ पंत और प्रदेश की समृद्ध लोक-परंपराओं पर आधारित विशेष पवेलियन भी लगाए गए हैं। संपूर्ण प्रदर्शनी ABVP की विचारधारा, कार्य, इतिहास और संगठनात्मक विकास की जीवंत झलक प्रस्तुत करती है।

मुख्य अतिथि आचार्य बालकृष्ण का संबोधन

आचार्य बालकृष्ण ने कहा,
“ABVP का राष्ट्रीय अधिवेशन पहली बार उत्तराखंड में हो रहा है, यह अत्यंत हर्ष का विषय है। मूल्य-आधारित संगठन से जुड़ना गौरव की बात है। ABVP कार्यकर्ता अपने जीवन मूल्यों से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाते हैं। रानी अब्बक्का का साहस, उत्तराखंड की परंपराओं की झलक और युवाओं का उत्साह अत्यंत प्रेरणादायक है। ‘राष्ट्र प्रथम’ हमारा मूल मंत्र है, और हमें सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक जागरण में अपना योगदान देना चाहिए।”

डॉ. धन सिंह रावत का उद्गार

उद्घाटनकर्ता और उत्तराखंड के मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा,
“ABVP कार्यकर्ता रहते हुए मेरी इच्छा रहती थी कि राष्ट्रीय अधिवेशन उत्तराखंड में हो, जो आज पूर्ण हुई है। यह प्रदेश के लिए गौरव की बात है। देश में आज आठ शिक्षा मंत्री ABVP से निकले हैं—यह संगठन की सशक्तता को दर्शाता है। सभी को इस भव्य प्रदर्शनी को अवश्य देखना चाहिए।”

ABVP राष्ट्रीय सचिव आदित्य टकियार का स्वागत भाषण

आदित्य टकियार ने कहा,
“देवभूमि उत्तराखंड में कल से ABVP का राष्ट्रीय अधिवेशन आरंभ होने जा रहा है। भारत वीरों की भूमि रहा है और महारानी अब्बक्का इसका सर्वोत्तम उदाहरण हैं। प्रदर्शनी में उत्तराखंड की संस्कृति, स्वतंत्रता सेनानियों और समकालीन विषयों की प्रेरक झलकियाँ देखने को मिलेंगी।”

कार्यक्रम में ABVP राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रो. अशुतोष मंडावी, समन्वयक अमन पंत, प्रदेश उपाध्यक्ष प्रगति भरतवाल सहित अनेक कार्यकर्ता एवं नागरिक उपस्थित रहे।

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