उत्तराखण्डधर्म-संस्कृति

ब्रह्नमूर्त में सैकड़ों भक्तों ने माँ नन्दा सुनन्दा के किये दर्शन। मैया के जयकारों से गूंजित सरोवर नगरी

नैनीताल। सरोवर नगरी नैनीताल समेत तमाम क्षेत्रों में कुमाऊँ की कुलदेवी मां नंदा-सुनंदा की मूर्तियों का प्राण प्रतिष्ठा के साथ ब्रह्नमूर्त मे स्थापित की गई। जो कि पांच सितंबर के सुबह तक रहेगी । उसके बाद नगर परिक्रमा करने के बाद विसर्जन कर दी जायेगी। कई क्षेत्रों में तीन सितंबर को विसर्जन की जाएंगी।

यहाँ नयना देवी मंदिर नैनीताल मंदिर में आचार्य भगवती प्रसाद जोशी द्वारा विधी विधान और पारंपरीक रिती रिवाजो के साथ प्राण प्रतिस्ठा करने के साथ ही कुमाऊँ की कुल देवी मां नंदा-सुनंदा अपने ससुराल से आज अपने मायके यानी कुमाऊँ की धरती पर पधार गईं हैं।
नैनीताल के मां नयना देवी मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के बाद मां नंदा-सुनंदा की प्रतिमाओं को भक्तों के दर्शनों के लिये खोल दिया गया।
आज सुबह 3 बजे से नैनीताल के माता की पूजा अर्चना कर आशीर्वाद लेने के लिए नयना देवी मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुट रही है। बड़ी संख्या में भक्त अपनी कुल देवियों के दर्शनों को पहुंच रहे हैं।

आचार्य भगवती प्रसाद जोशी ने बताया मां नंदा-सुनंदा को कुमाऊँ में कुल देवी के रूप में पूजा जाता है। चंद राजाओं के दौर में मां नंदा-सुनंदा को कुल देवी के रूप में चंद राजा पूजा करते थे अभी भी अल्मोड़ा जिले में राजा वंश के वंशज पूजा अर्चना करते हैं।अब संपूर्ण कुमाउं क्षेत्र के लोग मां नंदा-सुनंदा को कुल देवी के रूप में पूजते हैं। ऐसा माना जाता है कि मां नंदा और सुनंदा साल में एक बार अपने मायके यानी कुमाऊँ में आती हैं ।यही कारण है कि अष्टमी के दिन यानी आज कुमाऊँ के विभिन्न स्थानों पर मां नंदा और सुनंदा की प्रतिमा तैयार कर प्राण प्रतिष्ठा के बाद समझा जाता है कि मां नंदा-सुनंदा अपने मायके पहुंच गई हैं।

इस दौरान पाँच सितंबर तक प्रतिदिन भजन कीर्तन , सुंदर कांड, पंच आरती, एवं भंडारे का आयोजन किया जायेगा। पांच सितंबर को माँ नन्दा सुनन्दा की मूर्तियों का नगर परिक्रमा करने के बाद नम आंखों से विदाई दी जायेगी। मौसम खराब होने के बाबजूद भी माँ के भक्तों में कोई कमी नही मिली देखने को जिला प्रशासन, व पुलिस प्रशासन भी मुस्तेद दिखाई दे रही है।

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