मोदी के जन्म दिन पर कल शुरू होगी पीएम श्री विश्वकर्मा योजना, शिल्प के कारीगर होंगे लाभांवित।

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2799 शक्ति केंद्रों पर हवन यज्ञ कर पीएम की करेंगे सुदीर्घ जीवन की कामना

देहरादून 16 सितंबर । प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर रविवार को प्रदेश में केंद्रीय पंचायती राज मंत्री कपिल मॉरेश्वर पाटिल की मौजूदगी में पीएम श्री विश्वकर्मा योजना की शुरुआत होने जा रही है । इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्चुवली उद्बोधन भी देंगे । साथ ही प्रधानमंत्री के जन्मदिन के अवसर पर प्रदेश के सभी 2799 शक्ति केंद्रों पर केंद्र एवं प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों द्वारा हवन एवं यज्ञ कर मोदी जी के सुदीर्घ जीवन की कामना करेंगे ।
राजधानी में गढ़ी कैंट स्थित हिमालयन संस्कृति केंद्र में होने वाले इस कार्यक्रम का उद्घाटन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी वर्चुअली करने वाले हैं । पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी श्री मनवीर सिंह चौहान ने जानकारी देते हुए बताया कि पीएम की यह महत्वाकांक्षी योजना शिल्पकारों एवं अन्य कारीगरों से जुड़े बड़े वर्ग के लिए गेम चेंजर साबित होने वाली है । इस योजना के माध्यम से हाथ के हुनर से जुड़े करोड़ों लोगों को अपना व्यवसाय बढ़ाने के लिए ऋण और जरूरी दक्षता मुहैया करायी जाएगी । जिससे न केवल उनकी आजीविका में वृद्धि होगी साथ देश के विभिन्न पारंपरिक एवम सांकृतिक विरासत में बढ़ोत्तरी होगी ।

श्री चौहान ने बताया कि इस कार्यक्रम को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी वर्चुअली उद्घाटन एवं संबोधित करेंगे । जिसमे देहरादून में मुख्य अथिति के रूप में केंद्रीय पंचायती राज्य मंत्री श्री कपिल महेश्वर पाटिल उपस्थित रहेंगे । उनके साथ पूर्व मुख्यमंत्री एवं हरिद्वार सांसद डाक्टर रमेश पोखरियाल निशंक, राज्यसभा सांसद श्री अनिल बलूनी, श्री नरेश बंसल, श्रीमती कल्पना सैनी, टिहरी लोकसभा सांसद श्रीमती माला राज्य लक्ष्मी शाह, प्रदेश कैबिनेट मंत्री श्री प्रेमचंद अग्रवाल, श्री सुबोध उनियाल, श्री गणेश जोशी, विधायक श्री मुन्ना सिंह चौहान, श्री सहदेव पुंडीर, श्री खजान दास, श्री विनोद चमोली, श्री बृजभूषण गैरोला, महापौर, श्री सुनील उनियाल गामा प्रमुख रूप से मौजूद रहेंगे । उन्होंने बताया कि इस योजना की शुरुआत पर पीएम मोदी के उद्बबोधन को राज्य के सभी ज़िला केंद्रों पर भी सुना जाएगा । भाजपा का प्रयास पीएम के विजन से जुड़ी इस योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जाए ताकि समाज के एक बड़े तबके से जुड़ी देश की परंपरा और संस्कृति से जुड़े रोजगारपरक व्यव्यसाय को आगे बढ़ाया जाए ।