हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाफल सुधार परीक्षा का परिणाम घोषित

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10वीं में 76.23ः और 12वीं में 76.95ः छात्र पास हुए

देहरादून। उत्तराखंड बोर्ड की 10वीं और 12वीं की मुख्य परीक्षाओं में फेल होने वाले छात्रों को सरकार ने एक और मौका दिया था। ऐसे छात्रों के लिए उत्तराखंड बोर्ड ने परीक्षाफल सुधार परीक्षा का आयोजन किया था, जिसका परिणाम शुक्रवार को घोषित किया गया है। इस परीक्षा में 10वीं के 76.23ः और 12वीं के 76.95ः परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए।
उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद ने पहली बार आयोजित परीक्षाफल सुधार परीक्षा-2023 का परिणाम आज घोषित कर दिया है। परीक्षाफल सुधार परीक्षा के उपरांत हाईस्कूल के परीक्षा परिणाम में 06.87 प्रतिशत व इंटरमीडिएट में 05.60 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस प्रकार वर्ष 2023 का हाईस्कूल का परीक्षा परिणाम 85.17 से बढ़कर 92.04 हो गया है जबकि इंटरमीडिया का परीक्षा परिणाम 80.98 से बढ़कर 86.57 हो गया है।
शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने आज विद्यालयी शिक्षा निदेशालय में उत्तराखंड बोर्ड की परीक्षाफल सुधार परीक्षा-2023 का परीक्षा परिणाम जारी किया। उन्होंने बताया कि राज्य में पहली बार विद्यालयी शिक्षा परिषद द्वारा परीक्षाफल सुधार परीक्षा का आयोजन किया गया। जिसमें हाईस्कूल परीक्षा में कुल 13587 परीक्षार्थियों ने आवेदन किया था। इसमें 11956 अनुत्तीर्ण व 1631 उत्तीर्ण परीक्षार्थी शामिल हुए। इसी प्रकार इंटरमीडिएट में कुल 10119 परीक्षार्थियों ने परीक्षा सुधार के लिये आवेदन किया। जिसमें 9346 अनुत्तीर्ण तथा 773 उत्तीर्ण परीक्षार्थी शामिल हुए।
डॉ. रावत ने बताया कि परीक्षाफल सुधार परीक्षा के अंतर्गत हाईस्कूल में 11517 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी जिसमें 8780 परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए। जबकि इंटरमीडिएट में 8996 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी और 6923 परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए। डॉ. रावत ने कहा कि विद्यालयी शिक्षा परिषद की मुख्य परीक्षा में कई छात्र-छात्राएं बहुत कम अंकों से उत्तीर्ण होने से रह गये थे। जिन्हें सरकार ने पहली बार परीक्षाफल सुधार परीक्षा का मौका दिया। परीक्षाफल सुधार परीक्षा देने के उपरांत कई छात्र-छात्राओं ने बेहतर प्रदर्शन कर अच्छे अंक प्राप्त किए हैं। उन्होंने इस परीक्षा में उत्तीर्ण होने वाले छात्र-छात्राओं एवं उनके अभिभावकों को बधाई दी। कहा कि छात्रों की मेहनत रंग लाई है और उन्होंने इस मौके का फायदा उठाकर अपना एक वर्ष का अमूल्य समय बचा लिया है।
इस अवसर पर विद्यालयी शिक्षा निदेशक एवं बोर्ड की सभापति सीमा जौनसारी, अपर निदेशक माध्यमिक महावीर सिंह बिष्ट, विद्यालयी शिक्षा परिषद के सचिव विनोद प्रसाद सिमल्टी सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।