विधानसभा से बर्खास्त कर्मचारियों के मामले पर सरकार को सुप्रीम कोर्ट में घेरेंगे
हरिद्वार। उत्तराखंड में कोरिडोर का कोई औचित्य नहीं है। कोरिडोर से उत्तराखंड की वास्तविक सुंदरता खराब हो जाएगी। यह कहना है पूर्व कानून मंत्री सुब्रमण्यम स्वामी का। उत्तराखंड विधानसभा से बर्खास्त कर्मियों एवं हरकी पैड़ी पर प्रस्तावित कोरिडोर को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री सुब्रह्मण्यम स्वामी ने हरिद्वार के अटल बिहारी अतिथि गृह में पत्रकारों से वार्ता करते हुए विधानसभा से बर्खास्त 228 कर्मियों के लिए न्याय की लड़ाई लड़ने की बात कही।
सुब्रह्मण्यम स्वामी ने कहा कि उत्तराखंड की दो प्रमुख समस्याएं उनके संज्ञान में आईं, जिनमें एक हरिद्वार में प्रस्तावित कोरिडोर के निर्माण एवं दूसरा उत्तराखंड विधानसभा से बर्खास्त 228 कर्मचारियों का मामला। उत्तराखंड विधानसभा से बर्खास्त कर्मियों के मामले पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि इस विषय में वह जल्द ही सुप्रीमकोर्ट में एक रिट दायर करेंगे। कहा कि कोई मुख्यमंत्री क्यों चाहेगा कि वह सुप्रीम कोर्ट जाए और जब हम इन बर्खास्त कर्मियों का मामला सुप्रीम कोर्ट के समक्ष रखेंगे तो मुझे पूर्व विश्वास है कि जीत हमारी होगी और सरकार को हर का मुंह देखना पड़ेगा। हरकी पैड़ी पर प्रस्तावित कोरिडोर के विषय पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि इस देवभूमि में कोरिडोर के निर्माण का कोई औचित्य नहीं है, क्योंकि इससे यह की नैसर्गिक सुंदरता एवं पौराणिकता पर असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि वाराणसी में भी जब कोरिडोर का निर्माण हुआ तो कई मंदिरों को तोड़ा गया। अगर यहां भी कुछ ऐसा निर्माण होता तो मैं नहीं समझता कि यहां इसकी कोई आवश्यकता है, क्योंकि यहां अच्छी रोड है उसके बावजूद अगर कोरिडोर बनाते हैं तो मैं इसका विरोध करता हूं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री इस पर निर्णय लें। प्रेसवार्ता के दौरान गिरीश सिंह, प्रदीप सिंह, कौशिक, कपिल धौनी, कमित रावल, मोहम गैंडा, सुजीत थपलियाल, गोपाल नेगी, जीवन चौसाली, मनीष वर्मा, ईशान्त कुमार, राजेश, मनीष, दुमका रावत, गीता नेगी, भगवती सेवी, नेहा केन्दुरा, कोमिका पंथ सहित अनेकों बर्खास्त विस कर्मचारी मौजूद रहे।