व्यवहार में सरलता को धारण करना ही उत्तम आर्जव धर्म है।

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देहरादून देहरादून 2 सितंबर जैन धर्म के 10 लक्षण धर्म के आज तृतीय धर्म उत्तम आर्जव धर्म का पूजन किया गया एवं सभी धर्मावलंबियों ने इसका पालन किया जैन धर्मशाला में सुबह श्री विपिन जैन द्वारा प्रथम अभिषेक किया गया एवं शांति धारा की गई सुलभ श्री समर्पण सागर जी महाराज ने अपने प्रवचन में आर्जव धर्म की व्याख्या करते हुए बताया कि मनुष्य अपने स्वभाव में सरलता को धारण करें यही उत्तम आर्जव है हमें अपने आप को अहंकार और बनावट से दूर करके अपने जीवन को सफल बनाना चाहिए इसी क्रम में संध्याकालीन कार्यक्रम में आज जैन एकता समिति के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम की कड़ी में डीपी कौशिक एंड पार्टी मुजफ्फरनगर के द्वारा बहुत सुंदर नृत्य नाटिका रूप जो बदला नहीं जाता का मंचन किया गया इस अवसर पर डीपी कौशिक एंड पार्टी के कलाकारों द्वारा इतना सजीव मंचन किया गया की सभी मंत्रमुग्ध हो गए।इस अवसर पर उत्सव समिति के संयोजक आशीष जैन,अर्जुन जैन,जैन भवन के अध्यक्ष सुनील जैन मंत्री संदीप जैन,एकता समिति के सुधीर जैन, एमके जैन,सुखममाल चंद जैन, लोकेश जैन,डॉक्टर संजीव जैन,प्रवीन जैन मेडिकल अनिल जैन पंकज जैन मीडिया संयोजक गोपाल सिंघल,रचना जैन,सुनयना जैन,प्रीति जैन उपस्थित रहे।