महाराज ने किया चित्रकला प्रदर्शनी का उद्घाटन

0
286

देहरादून 06जुलाई । आजादी की लड़ाई में वीर सावरकर जी का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। अंडमान निकोबार की जिस जेल में वीर सावरकर जी को रखा गया। अपने जीवन में एक बार उसे देखने अवश्य जाएं। उक्त बात प्रदेश के संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने आजादी के अमृत महोत्सव पर आयोजित राष्ट्रीय चित्रकला प्रदर्शनी के उद्घाटन अवसर पर उपस्थित कलाकारों को संबोधित करते हुए कही।
आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर बुधवार को घंटाघर स्थित एनएचबी कंपलेक्स में “उत्तरा समकालीन कला संग्रहालय” (आर्ट गैलरी) में राष्ट्रीय चित्रकला प्रदर्शन के उद्घाटन अवसर पर प्रदेश के संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने चित्रकला प्रदर्शनी में भाग ले रहे कलाकारों को संबोधित करते हुए कहा कि आजादी की लड़ाई में भाग लेने वाले उत्तराखंड के जिन शहीदों को हम लोग भूल चुके हैं, चित्रकला प्रदर्शनी के माध्यम से कलाकारों ने उन शहीदों को याद कर एक सराहनीय प्रयास किया है।
आजादी के अमृत महोत्सव पर आयोजित राष्ट्रीय चित्रकला प्रदर्शनी का अवलोकन के पश्चात संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि आजादी की लड़ाई में अपना जीवन होम करने वाले वीर सावरकर जी जिस जेल में आजीवन कारावास के दौरान रहे हमें जीवन में एक बार उसे जरूर देखना चाहिए। आजादी की लड़ाई में अपना जीवन बलिदान करने वाले उत्तराखंड के महान सपूत चंद्र सिंह गढ़वाली एवं जयानंद भारती के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता।
संस्कृति मंत्री श्री महाराज ने कहा कि वह राज्य में सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ-साथ हमेशा कलाकारों को सम्मान देने के पक्ष में रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह प्रदेश में ललित कला, नाट्य कला और साहित्य कला को बढ़ावा देने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कलाकारों को भी इस हेतु समय-समय पर सरकार को अपने सुझाव देने चाहिए।
श्री महाराज ने देशभर में आजादी के अमृत महोत्सव पर होने वाले कार्यक्रमों के लिए केंद्रीय संस्कृति मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और ललित कला अकादमी, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के चेयरमैन नंदलाल ठाकुर को भी इसके लिए अपनी शुभकामनाएं दी।
इस अवसर पर सचिव संस्कृति हरीश चंद्र सेमवाल, निदेशक श्रीमती बीना भट्ट, राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त श्रीमती कुसुम पांडे, महेश पांडे, श्रीमती साक्षी कोठियाल, श्रीमती पुष्पा रावत, रविंद्र पडिहार, मनोज पांडे, अंशु मोहन आदि उपस्थित थे।