उत्तराखण्डधर्म-संस्कृति

देहरादून महानगर दक्षिण के कई वार्डों में विराट हिंदू सम्मेलन अत्यंत उत्साह, अनुशासन एवं सांस्कृतिक गरिमा के साथ सफलतापूर्वक संपन्न

देहरादून 01 फरवरी 2026 । देहरादून महानगर दक्षिण के कई वार्डों में विराट हिंदू सम्मेलन अत्यंत उत्साह, अनुशासन एवं सांस्कृतिक गरिमा के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुए। इन सम्मेलनों का उद्देश्य सनातन संस्कृति एवं धर्म के मूल्यों को सुदृढ़ करना, सामाजिक एकता एवं समरसता को मजबूती देना तथा हिंदू समाज में जागरण की चेतना को नई दिशा प्रदान करना रहा। सभी वार्डों में हजारों की संख्या में नागरिकों, मातृशक्ति, युवाओं एवं वरिष्ठजनों की सक्रिय सहभागिता ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि संगठित हिंदू समाज ही राष्ट्र और संस्कृति की सशक्त आधारशिला है।

तूनवाला, वार्ड संख्या 68 में आयोजित सम्मेलन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक डॉ. शैलेन्द्र ने अपने प्रेरक संबोधन में संघ की 100 वर्षों की गौरवशाली यात्रा का उल्लेख करते हुए पंच परिवर्तन सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, नागरिक कर्तव्य तथा स्वदेशी एवं आत्मनिर्भरता—पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने आह्वान किया कि हिंदू समाज जाति-पाति से ऊपर उठकर संगठित, संस्कारित एवं राष्ट्रहित में निरंतर सक्रिय बने, यही वर्तमान समय की आवश्यकता है।

वार्ड 87 में दिव्य प्रेम सेवा मिशन के संस्थापक अध्यक्ष आशीष गौतम एवं वीर रस के कवि दिव्यांशु के ओजस्वी उद्बोधनों ने वातावरण को राष्ट्रभाव से भर दिया, जबकि वार्ड 93 में 1500 से अधिक नागरिकों की सहभागिता रही।

इसी दिन वार्ड 41 (इंदिरापुरम), 38 (पंडितवाड़ी), 39–40 (सीमाद्वार), 37 (वसंत विहार), 42 (कांवली), 79 (क्लेमेंट टाउन) सहित अन्य वार्डों में भी विराट हिंदू सम्मेलन संपन्न हुए।

सभी सम्मेलनों का समापन भारत माता की आरती के साथ हुआ। आयोजक मंडल ने समस्त हिंदू समाज का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह आयोजन केवल कार्यक्रम नहीं, बल्कि संस्कृति, संस्कार, सेवा और सामाजिक एकता का जनआंदोलन है, जिसने देहरादून महानगर को यह स्पष्ट संदेश दिया कि संगठित, जागरूक एवं संस्कारित हिंदू समाज ही सशक्त भारत की नींव है।

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